Thursday, 10 August 2017

Jindagi tera Irada kya h


एक हसरत थी की आंचल का
मुझे प्यार मिले
मैने मंज़िल को तलाशा
मुझे बाज़ार मिले
जिंदगी और बता तेरा
इरादा क्या है
मुझको पैदा किया संसार
में दो लाशों ने
और बर्बाद किया कौम के
अय्याशों ने
तेरे दामन में बता मौत
से ज़्यादा क्या है
जिंदगी और बता तेरा
इरादा क्या है
जो भी तस्वीर बनता हूं
बिगड़ जाती है
देखते ही देखते मेरी दुनिया उजड़ जाती है
मेरी कश्ती तेरा तूफान
से वादा क्या है
जिंदगी और बता तेरा
इरादा क्या है
तूने जो दर्द दिया उसकी
कसम ख़ाता हूं
इतना ज़्यादा है की
एहसां से दबा जाता हूं
मेरी तक़दीर बता और
तक़ाज़ा क्या है
जिंदगी और बता तेरा
इरादा क्या है
मैने जज़्बात के संग
खेलते दौलत देखी
अपनी आँखो से मोहब्बत
की तिजारत देखी
ऐसी दुनिया में मेरे
वास्ते रखा क्या है
जिंदगी और बता तेरा
इरादा क्या है
आदमी चाहे तो तकदीर बदल
सकता है
पूरी दुनिया की वो
तस्वीर बदल सकता है
आदमी सोच तो ले उसका
इरादा क्या है
जिंदगी और बता तेरा
इरादा क्या है

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Jindagi tera Irada kya h